Mon, Aug 17, 2026 | 6:23 AM IST
Home Politics
Menu
Business Profile
HomeBusinessRBI MPC: रेपो रेट 5.25% �...
BUSINESS

RBI MPC: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, GDP अनुमान बढ़ा

S
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के बाद रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखने और FY27 के लिए GDP वृद्धि अनुमान 6.7% करने की घोषणा की। • Source: THE LEAFELT
Source : TIMES OF INDIA

KEY HIGHLIGHTS

  • Comprehensive coverage and live status updates on RBI MPC: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, GDP अनुमान बढ़ा.
  • Key statements from government officials and field correspondents.
  • Historical context and market/social impact analysis.
  • Read full detailed breakdown below.

RBI MPC: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, GDP अनुमान बढ़ा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने लगातार चौथी बार रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिवसीय एमपीसी बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की। साथ ही केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7% कर दिया है।

आरबीआई ने स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के जोखिमों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। इसी वजह से फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

रेपो रेट 5.25% पर यथावत

एमपीसी ने बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखा। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने न्यूट्रल पॉलिसी स्टांस भी जारी रखा।

रेपो रेट में बदलाव नहीं होने का मतलब है कि फिलहाल होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की EMI में कोई तत्काल बदलाव होने की संभावना नहीं है।

GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.7%

आरबीआई ने भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए FY27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.7% कर दिया। पहले के अनुमान की तुलना में इसमें 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की गई है।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, निवेश गतिविधियों और भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर बुनियादी संकेतकों के चलते विकास दर मजबूत रहने की उम्मीद है।

महंगाई पर आरबीआई की नजर

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई का मुख्य लक्ष्य हेडलाइन महंगाई (Headline Inflation) को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बनाए रखना है।

एमपीसी के अनुसार, फिलहाल महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों का है। हालांकि व्यापक स्तर पर महंगाई का दबाव सीमित है, लेकिन आने वाली तिमाहियों में खाद्य कीमतों, कच्चे तेल और वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखी जाएगी।

आरबीआई ने एल नीनो (El Niño) के प्रभाव, मानसून की स्थिति और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव को भी महंगाई के लिए संभावित जोखिम बताया।

रुपये पर क्या बोले गवर्नर?

संजय मल्होत्रा ने कहा कि रुपये की विनिमय दर बाजार की ताकतों से तय होगी। आरबीआई केवल तब हस्तक्षेप करेगा जब बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव या सट्टेबाजी जैसी स्थिति बनेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक का उद्देश्य रुपये में अनावश्यक अस्थिरता को रोकना और बाजार को व्यवस्थित बनाए रखना है।

रियल एस्टेट और उद्योग को राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट में स्थिरता से रियल एस्टेट सेक्टर, उद्योग और निवेशकों को राहत मिलेगी।

स्थिर ब्याज दरों से:

  • घर खरीदने वालों का भरोसा बना रहेगा।
  • डेवलपर्स को नई परियोजनाओं की योजना बनाने में आसानी होगी।
  • कारोबारी निवेश को स्थिरता मिलेगी।
  • त्योहारी सीजन में आवासीय बाजार को मजबूती मिल सकती है।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से:

  • होम लोन की EMI फिलहाल नहीं बदलेगी।
  • कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में भी तत्काल बदलाव की संभावना नहीं है।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें भी फिलहाल स्थिर रह सकती हैं।

आगे क्या रहेगा आरबीआई का फोकस?

आरबीआई ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में उसकी प्राथमिकता महंगाई को नियंत्रित रखने और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी।

यदि खाद्य कीमतों, कच्चे तेल या वैश्विक तनाव के कारण महंगाई बढ़ती है, तो भविष्य में मौद्रिक नीति में बदलाव पर विचार किया जा सकता है।

TAGS: RBI RepoRate MPC IndianEconomy SanjayMalhotra
S

Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

Published Date: 05 Aug 2026
Know More About Author

Leave a Comment

Please sign in to join the conversation.

Sign In to Comment

Don't have an account? Sign Up

Sign In with Email
Forgot Password?

By signing in, you agree to our Terms of Service and Privacy Policy.

Don't have an account? Create Account