Mon, Aug 17, 2026 | 6:23 AM IST
Home Politics
Menu
Business Profile
HomeIndiaMurshidabad Violence: NCW अध्य�...
INDIA

Murshidabad Violence: NCW अध्यक्ष ने सुनाई दर्दनाक कहानी

S
मुर्शिदाबाद हिंसा पर बोलते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पीड़ित महिलाओं की आपबीती साझा की। • Source: Jagran
Source : Jagran

KEY HIGHLIGHTS

  • Comprehensive coverage and live status updates on Murshidabad Violence: NCW अध्यक्ष ने सुनाई दर्दनाक कहानी.
  • Key statements from government officials and field correspondents.
  • Historical context and market/social impact analysis.
  • Read full detailed breakdown below.

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने Murshidabad Violence के दौरान महिलाओं की पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि एक नवजात को गोद में लेकर घर छोड़ने को मजबूर मां की तस्वीर आज भी नहीं भूल पाईं।

Murshidabad Violence: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा में वक्फ संशोधन कानून के विरोध के दौरान हुई हिंसा को याद करते हुए कहा कि वहां महिलाओं की जो पीड़ा उन्होंने देखी, उसे आज तक नहीं भुला पाई हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद लगातार आठ दिनों तक उन्हें नींद नहीं आई।

सम्मेलन में साझा किया दर्द

कोलकाता में आयोजित महिला नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए रहाटकर ने कहा कि पिछले वर्ष मुर्शिदाबाद के धुलियान, शमशेरगंज और आसपास के कई क्षेत्रों में हिंसा के दौरान महिलाओं पर अत्याचार की अनेक शिकायतें सामने आई थीं। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया और उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

350 परिवारों से मिली आयोग की टीम

विजया रहाटकर ने बताया कि आयोग की टीम ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में करीब 350 परिवारों से मुलाकात की और उनकी आपबीती सुनी। उन्होंने कहा कि कई परिवारों ने भय और असुरक्षा के बीच अपने घर छोड़ने की मजबूरी का दर्द साझा किया।

नवजात को लेकर घर छोड़ने की घटना ने झकझोरा

रहाटकर ने कहा कि सबसे अधिक विचलित करने वाली घटना एक ऐसी मां की थी, जिसे अपने डेढ़ दिन के नवजात शिशु को गोद में लेकर घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह दृश्य आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है और उसे भूल पाना उनके लिए बेहद कठिन है।

पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि हिंसा के दौरान कई पीड़ितों को समय पर पुलिस की सहायता नहीं मिल सकी। उनका आरोप था कि हिंसा करने वालों के प्रति पुलिस का रवैया अपेक्षित कठोरता नहीं दिखा पाया, जिससे स्थानीय लोगों का प्रशासन और कानून व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ।

महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

रहाटकर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और आयोग भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सक्रियता से कार्रवाई करता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा प्रभावित महिलाओं और परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

TAGS: MurshidabadViolence NCW #VijayaRahatkar WestBengal WomenSafety
S

Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

Published Date: 07 Aug 2026
Know More About Author

Leave a Comment

Please sign in to join the conversation.

Sign In to Comment

Don't have an account? Sign Up

Sign In with Email
Forgot Password?

By signing in, you agree to our Terms of Service and Privacy Policy.

Don't have an account? Create Account