KEY HIGHLIGHTS
- Comprehensive coverage and live status updates on गीतकार डॉ.अवनीश राही की " मैं भूख हूँ " ने रचा विश्व कीर्तिमान, साइना नेहवाल करेंगी सम्मानित.
- Key statements from government officials and field correspondents.
- Historical context and market/social impact analysis.
- Read full detailed breakdown below.
अलीगढ की धरती से विश्व पटल तक गूंजा "मैं भूख हूँ" का स्वर
अलीगढ़ 13 अगस्त। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक समारोह में अलीगढ़ के वरिष्ठ गीतकार, साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. अवनीश राही को उनके गीत–महाग्रंथ “मैं भूख हूँ : एक–युग–काव्य–संहिता” (रोटी से राष्ट्र तक की वेदना) के अभिनव साहित्यिक सृजन के लिए “वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. राही की यह कृति गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज है। “मैं भूख हूँ” को विश्व के प्रथम त्रि–आयामी गीत–महाग्रंथ के रूप में पठनीय, श्रवणीय और दर्शनीय स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। रोटी से राष्ट्र तक की मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रीय चेतना को गीतात्मक अभिव्यक्ति देने वाली यह कृति पारंपरिक गीत–साहित्य को एक अभिनव प्रस्तुति से जोड़ती है।
22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस एलएलपी के तत्वावधान में आयोजित “राष्ट्रीय साहित्यिक शब्दोत्सव” के विशेष समारोह में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। समारोह की मुख्य अतिथि पद्म भूषण साइना नेहवाल होंगी, जो डॉ. अवनीश राही को सम्मान–शील्ड, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान करेंगी।
“मैं भूख हूँ” का केंद्रीय सरोकार ‘भूख’ को केवल रोटी की आवश्यकता न मानकर मनुष्य, समाज और राष्ट्र से जुड़े व्यापक प्रश्न के रूप में देखने का है। इसी दृष्टि से यह कृति साहित्यिक संवेदना के साथ सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय विमर्श को भी स्वर देती है।
राष्ट्रीय
साहित्यिक शब्दोत्सव में देशभर से साहित्य, कला, शिक्षा, खेल और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों
की प्रतिष्ठित हस्तियाँ शामिल होंगी।
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